नई दिल्ली, 28 अप्रैल।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद देश की निर्यात प्रणाली को अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियों के बीच भारत के निर्यात ढांचे को मजबूत करने की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मंत्री ने कहा कि यह समझौता विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में वर्ष 2030 तक दो ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण आधार साबित होगा। उन्होंने निर्यातकों और उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाते हुए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाएं, निर्यात में वृद्धि करें तथा रोजगार सृजन को गति प्रदान करें और सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
मंत्रालय के अनुसार, भारत मंडपम में आयोजित इस बैठक में लगभग 30 निर्यात संवर्धन परिषदों और प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वाणिज्य विभाग तथा विदेश व्यापार महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। इस दौरान निर्यात सुधार से जुड़े ढांचे का प्रस्तुतिकरण किया गया तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से संबंधित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सरकारी पक्ष ने व्यापार सुगमता बढ़ाने और सहयोगात्मक उपायों को और प्रभावी बनाने का भरोसा दिया, साथ ही निर्यात प्रोत्साहन मिशन की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने निर्यात आधार को विस्तारित करने और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।













