भोपाल, 16 मई
राजधानी भोपाल के कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित फर्म एवं संस्थाओं के डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में संचालित यह कार्यालय संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
संभागीय कमिश्नर कार्यालय और पुलिस निरीक्षक कार्यालय के बीच स्थित यह छोटा सा सरकारी दफ्तर केवल तीन से चार कमरों में संचालित हो रहा है, जहां हजारों महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और रिकॉर्ड भरे पड़े हैं। स्थिति यह है कि कर्मचारियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। गर्मी के मौसम में आग लगने का खतरा और बारिश में नमी से फाइलों के खराब होने की आशंका लगातार बनी रहती है। खुले बिजली के तार और सुरक्षा व्यवस्था की कमी ने कार्यालय को और अधिक जोखिमपूर्ण बना दिया है।
कार्यालय की स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब तपती टीन की छत के नीचे पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। 42 से 44 डिग्री तापमान में काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो जाता है। कर्मचारियों के अनुसार भीषण गर्मी में फाइलों के बीच काम करना किसी खतरे से कम नहीं है। बिजली मीटर के खुले तार और अव्यवस्थित वायरिंग किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। कार्यालय में न फायर अलार्म है, न अग्निशमन यंत्र और न ही सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था।
बारिश के मौसम में भी हालात खराब हो जाते हैं, जब नमी और कीड़ों के कारण महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचता है। चूहों द्वारा फाइलें कुतरने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे रिकॉर्ड के नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। यहां भोपाल की कई यूनिवर्सिटी, स्कूल, कृषि संस्थान, एनजीओ और अन्य पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए हैं, जिनके खराब होने से हजारों संस्थानों पर असर पड़ सकता है।
कार्यालय में कर्मचारियों की भी भारी कमी है और पूरे दफ्तर का काम सीमित स्टाफ के भरोसे चल रहा है। यहां केवल डिप्टी रजिस्ट्रार, दो क्लर्क, एक चपरासी और एक आवक-जावक कर्मचारी कार्यरत हैं। संसाधनों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और आम लोगों के लिए बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्वीकार किया है कि कार्यालय गंभीर संसाधन संकट से गुजर रहा है और रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि फाइलों की सुरक्षा और कार्यस्थल की स्थिति को लेकर लगातार तनाव बना रहता है।
कर्मचारियों और अधिकारियों का मानना है कि यदि जल्द ही रिकॉर्ड को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया और फायर सेफ्टी सहित अन्य व्यवस्थाएं लागू नहीं की गईं, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।










