मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों और आदिवासी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे अहम जिम्मेदारियों में शामिल है।
शनिवार को जारी बयान में जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। उनके अनुसार वर्ष 2024 के दौरान हत्या, लूट, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध समेत छह हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए। उन्होंने दावा किया कि कई घटनाओं में पेंशन और संपत्ति विवाद के चलते परिवारों के भीतर ही बुजुर्गों के साथ हिंसा और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अक्सर अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए प्रभावी रूप से संघर्ष करने की स्थिति में नहीं होते, ऐसे में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। कांग्रेस ने मांग की है कि बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं और सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों व शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
आदिवासी समुदाय के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों को लेकर भी पटवारी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ 3165 मामले दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि कई मामलों में आदिवासी समाज को सामाजिक अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी और अन्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। साथ ही अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार से मांग की है कि वरिष्ठ नागरिकों और आदिवासी समुदाय की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए, अपराध रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय उपलब्ध कराया जाए।















