भोपाल, 16 अप्रैल 2026
राजधानी भोपाल के नवागत कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही प्रशासनिक सक्रियता का परिचय देते हुए फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया है। गुरुवार को पदभार संभालने के बाद वे सीधे बैरागढ़ तहसील पहुंचे और वहां की राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से संवाद कर अपनी प्राथमिकताओं और कार्यशैली को स्पष्ट किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील, नजूल शहर वृत्त तथा बैरागढ़ क्षेत्र के विभिन्न अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह, आलोक पारे, प्रेमप्रकाश गोस्वामी और केके पड़ौले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि भोपाल में यह उनकी पहली पदस्थापना है, इसलिए वे पहले पूरी स्थिति को समझेंगे और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य करेंगे। उनके इस बयान से उनकी प्रशासनिक कार्यशैली का संकेत मिला कि वे जल्दबाजी के बजाय जमीनी समझ के आधार पर निर्णय लेंगे।
उन्होंने शहर के प्रमुख मुद्दों पर भी अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं, जिनमें बड़े तालाब के किनारों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई, भोज वेटलैंड की सुरक्षा, अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण तथा स्कूल संचालकों के साथ बैठक जैसे विषय शामिल रहे।
कलेक्टर ने प्रशासनिक अमले की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने टीमवर्क के माध्यम से बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
गौरतलब है कि आईएएस प्रियंक मिश्रा हाल ही में धार से स्थानांतरित होकर भोपाल के 35वें कलेक्टर बने हैं और उन्होंने 14 अप्रैल को पदभार ग्रहण किया है। इससे पूर्व पदस्थ रहे कलेक्टर को राज्य शासन द्वारा अन्य महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।









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