नई दिल्ली, 25 मई ।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर उठे विवादों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दशकों में पहली बार बोर्ड परीक्षा प्रणाली पर इतने गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लाखों छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी के अनुसार बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग, गलत मूल्यांकन और जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की है, लेकिन इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक छात्र द्वारा अपनी उत्तर पुस्तिका में हुई कथित गलती को लेकर सोशल मीडिया पर न्याय की मांग करने पर उसे बदनाम करने की कोशिश की गई।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार युवाओं और जेनरेशन जेड से डरती है, क्योंकि वे सवाल पूछ रहे हैं और जवाब मांग रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को दबाने और बदनाम करने का प्रयास किया जाता है।
इधर, सीबीएसई 12वीं के परिणाम के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों में असंतोष देखा जा रहा है। कई छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली प्रतियों और तकनीकी समस्याओं की शिकायत की है।
छात्रों का यह भी कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में पुष्टि नहीं हो रही है और पोर्टल पर बार-बार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
बोर्ड ने सफाई देते हुए कहा है कि अधिक ट्रैफिक के कारण सिस्टम में देरी हो रही है और छात्रों को बार-बार आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए शुल्क संरचना में बदलाव की घोषणा की है।
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी हुई है तथा इसे कई संस्थानों में पहले से अपनाया जा रहा है।






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