नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, जब दुनिया के अनेक हिस्सों में संघर्ष और तनाव का माहौल बना हुआ है, ऐसे समय में नवकार मंत्र का सामूहिक जाप मानवता के कल्याण और विश्व शांति के लिए अत्यंत प्रासंगिक और सार्थक है।
अमित शाह गुरुवार को ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और धर्मों की विविधता का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति को महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मंत्र मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और व्यक्ति के चैतन्य को जागृत कर शुभ संकल्पों को दृढ़ बनाते हैं। सामूहिक रूप से मंत्र का उच्चारण करने से उसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज, राष्ट्र और पूरे विश्व पर सकारात्मक असर डालता है।
अमित शाह ने बताया कि हमारे ऋषि-मुनियों और सिद्धों ने तप और साधना के माध्यम से ऐसे मंत्रों की रचना की है, जो सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल श्रद्धा से मंत्र का पालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारना भी आवश्यक है।
गृह मंत्री ने नवकार मंत्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंत्र निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक है, जिसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है और यह सभी मानवों के लिए समान रूप से उपयोगी है। उन्होंने ‘नमो’ शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि यह पूर्ण समर्पण का प्रतीक है और अहंकार त्याग की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।
उन्होंने ‘अरिहंत’ और ‘सिद्ध’ की व्याख्या करते हुए बताया कि अरिहंत अपने आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है और सिद्ध जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर पूर्ण अवस्था प्राप्त करता है। इसके अलावा नवकार मंत्र में आचार्य, उपाध्याय और साधुओं का भी नमन किया जाता है, जिन्हें मिलाकर ‘पंच परमेष्ठी’ कहा जाता है।
अमित शाह ने कहा कि नवकार मंत्र का मूल भाव इन पंच परमेष्ठियों के गुणों को आत्मसात करना है। इसमें कुल 108 गुण निहित हैं, जिनका स्मरण और वंदन सामूहिक रूप से किया जाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भले ही मंत्र का गूढ़ अर्थ तुरंत समझ में न आए, फिर भी नियमित अभ्यास जारी रखना चाहिए।
गृह मंत्री ने बताया कि नवकार मंत्र की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है और इसमें 24 तीर्थंकरों एवं उनके अनुयायियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रारंभ में यह मौखिक परंपरा से प्रचलित हुआ, बाद में शिलालेखों और ग्रंथों में इसका उल्लेख हुआ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में, जब विश्व में अशांति और तनाव का माहौल है, नवकार मंत्र का सामूहिक जाप मानसिक शांति और सामाजिक सौहार्द स्थापित करने में सहायक हो सकता है और इससे आपसी सहयोग और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत होगी।





.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
