भोपाल, 07 अप्रैल।
भोपाल में साइबर क्राइम शाखा ने “ऑपरेशन फेस” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सिम कार्ड सक्रिय करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एक ही व्यक्ति के चेहरे पर सैकड़ों सिम जारी कर व्यापक धोखाधड़ी की थी।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीओएस एजेंट के रूप में काम करते हुए ग्राहकों के दस्तावेजों की प्रतिलिपि का दुरुपयोग किया। अलग-अलग नाम-पते और नकली पहचान पत्र का प्रयोग कर लगभग 250 सिम कार्ड एक ही चेहरे पर सक्रिय किए गए, जिनमें 246 से अधिक सिम एक ही व्यक्ति के नाम पर पाए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र यादव (34), निवासी जहांगीराबाद और मोहम्मद सैफ कुरैशी, निवासी इतवारा रोड के रूप में हुई। उनके कब्जे से दो मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किए गए। अन्य सहयोगियों की खोज अभी जारी है।
मामले का खुलासा दूरसंचार विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन) द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चेहरे पहचान उपकरण (फेसियल रिकॉग्निशन टूल) के माध्यम से हुआ। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि सिम बेचने पर मिलने वाले प्रोत्साहन के लालच में उन्होंने यह धोखाधड़ी की। वे एक साथी की फोटो का उपयोग कर पुराने ग्राहकों के आधार और अन्य दस्तावेज लगाकर नकली सिम सक्रिय कर बेचते थे।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन नकली सिम कार्डों का उपयोग किसी साइबर अपराध में तो नहीं किया गया। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।








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