जयपुर, 21 मई ।
भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार डमी परीक्षार्थी मनोहरलाल मांजू उर्फ बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी स्वयं जालोर जिले में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत था, बावजूद इसके वह परीक्षा में फर्जीवाड़े में शामिल पाया गया।
मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा 2022 से जुड़ा है, जिसमें पेपर लीक के कारण परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराई गई थी।
जांच के अनुसार करौली निवासी अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा ने अपनी जगह डमी परीक्षार्थी बैठाया था और 29 जनवरी 2023 को भरतपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर मनोहरलाल मांजू ने उसके स्थान पर परीक्षा दी थी।
फर्जी तरीके से परीक्षा पास होने के बाद अनिल कुमार मीणा का चयन वरिष्ठ अध्यापक पद पर हो गया था, जिसे एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
एसओजी के अनुसार प्रारंभिक जांच में केवल धुंधली तस्वीरें उपलब्ध थीं, जिसके आधार पर तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच से आरोपी की पहचान की गई।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से जालोर जिले का निवासी है और वर्तमान में रानीवाड़ा क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में लेवल-1 अध्यापक के पद पर कार्यरत था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में डमी परीक्षार्थियों की व्यवस्था करने वाले मध्यस्थ की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसकी जांच जारी है।
एसओजी ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है, जिससे बड़े गिरोह का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।






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