कोलकाता, 23 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल क्षेत्र में माकपा और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
बुधवार रात से ही डोमकल इलाके में दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच विवाद और टकराव की स्थिति बनी रही। गुरुवार सुबह रायपुर क्षेत्र में माकपा समर्थकों को मतदान से रोकने का आरोप लगाया गया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का नाम सामने आया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने निष्क्रियता दिखाई और राज्य पुलिस की तरफ से भी कोई त्वरित सहायता नहीं मिली। हालांकि, बाद में स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर राज्य पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे।
सुरक्षा बलों ने माइक के माध्यम से जनता को शांत किया और निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की। इसके बाद केंद्रीय बलों की सुरक्षा में माकपा समर्थक मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे और मतदान किया। घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जहां माकपा समर्थकों को मतदान करने से रोकने का आरोप लगा, वहां महकमा पुलिस अधिकारी शुभम बजाज ने स्थिति का जायजा लिया और केंद्रीय बलों की निष्क्रियता के आरोपों को खारिज किया। बाद में हुमायूं कबीर भी उक्त मतदान केंद्र पर पहुंचे, जहां कुछ मतदाताओं ने उनका घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया।
डोमकल की यह घटना चुनावी माहौल को गरमाती हुई दिखाई दी है। चुनाव आयोग ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट की मांग करते हुए निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं।









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