भोपाल, 23 अप्रैल
मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फिरौती मांगने वाले गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरोह ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती की मांग की थी और पीड़ित के घर की रेकी कर वीडियो बनाकर उसे धमकाया था।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देश पर एसआईटी और एसटीएफ ने मिलकर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। 16 अप्रैल को आरोपी निर्मल तिवारी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में खुलासा किया कि उसे गिरोह के मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा ने आर्थिक सहायता दी थी और योजना के बारे में निर्देशित किया था।
निर्मल तिवारी की गिरफ्तारी के बाद, मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागने की कोशिश की, लेकिन एसआईटी और एसटीएफ ने 20 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, जे.पी. डारा नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया, जो गिरोह को आवश्यक संसाधन और वित्तीय सहायता प्रदान करता था।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा और एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया की निगरानी में की गई। गिरोह की अन्य गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है।










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