भोपाल, 24 अप्रैल
मध्य क्षेत्र के हजारों बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर बिजली कंपनी ने कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा आधारित नई योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब निजी खर्च का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
इस योजना को लेकर बिजली कंपनी और बीमा कंपनी मेडसेव के बीच औपचारिक सहमति भी बन चुकी है, जिससे इसे लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी बड़े खर्चों से सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को अपनी सुविधा के अनुसार तीन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। यदि कोई कर्मचारी हर माह 500 रुपये का प्रीमियम जमा करता है, तो उसे और उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त होगा।
इसी तरह 1000 रुपये प्रतिमाह के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा, जबकि 2000 रुपये मासिक भुगतान करने पर 25 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। इस पहल से कर्मचारियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








