भोपाल, 13 अप्रैल।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विभिन्न लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य संस्थानों में आउटसोर्स पदों पर लंबित भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण किया जाए।
बैठक में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में एनएबीएच मान्यता को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। साथ ही छह माह के सोनोग्राफी कोर्स पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में सीटीवीएस और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की स्वीकृति से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के लिए निरंतर भर्ती प्रक्रिया जारी रखी जाए, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय उपचार अपने ही राज्य में मिल सके।
बैठक में बुधनी, दमोह और छतरपुर के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों के 59 पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
उप मुख्यमंत्री ने सीसीएचबी में नए पदों के सृजन हेतु प्रस्ताव तैयार करने तथा जिला अस्पताल राजगढ़ में रैन बसेरे के संचालन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा होती रहे।






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