नई दिल्ली, 11 मई।
भारत और जापान ने सोमवार को नई दिल्ली में द्वितीय भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा संवाद आयोजित किया, जिसमें दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और अधिक लचीला बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिस्री तथा जापान के विदेश मामलों के उप मंत्री ताकेहिरो फुनाकोशी और आर्थिक, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री ताकेहिको मात्सुओ ने की।
बैठक में भारत के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय, खान मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और औषधि विभाग शामिल रहे। वहीं जापान की ओर से विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा सचिवालय और अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह आर्थिक सुरक्षा संवाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा टोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित आर्थिक सुरक्षा पहल की प्रगति की समीक्षा के लिए एक संस्थागत तंत्र है।
दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी आर्थिक सुरक्षा नीतियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इस वर्ष मार्च में भारतीय उद्योग परिसंघ तथा जापान के केडनरेन द्वारा आयोजित निजी क्षेत्र संवाद से प्राप्त सुझावों की समीक्षा की।
चर्चा में पांच प्रमुख क्षेत्रों—महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (जिसमें एआई और दूरसंचार शामिल हैं), स्वच्छ ऊर्जा और औषधि क्षेत्र—में औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों देशों ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक हितों की सुरक्षा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।
आर्थिक सुरक्षा संवाद के बाद विदेश सचिव और जापानी उप मंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और जनसंपर्क सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई।






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