पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि देश में कृषि क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला पूरी तरह स्थिर है और किसानों के लिए आवश्यक सभी इनपुट सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बीज, खाद और अन्य आवश्यक सामग्री का व्यापक मूल्यांकन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी कृषि फसलों की थोक कीमतें सामान्य दायरे में हैं और प्रमुख सब्जियों जैसे टमाटर, प्याज और आलू की कीमतें भी नियंत्रित हैं, जबकि थोक स्तर पर इनमें सुधार की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
मनिंदर कौर द्विवेदी ने यह भी बताया कि राज्यों के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि खरीफ मौसम के लिए 166.46 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने हाइब्रिड मक्का के बीज सुखाने में एलपीजी की अस्थायी कमी आई थी, लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ त्वरित समन्वय कर इसकी आपूर्ति पूरी कर दी गई।
अतिरिक्त सचिव ने यह भी कहा कि इस बार खाद की उपलब्धता की समीक्षा पहले ही की जा चुकी है और राज्यों के सहयोग से अनुमान लगाया गया है कि 1391.71 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी प्रमुख फसलों के लिए बीज का पर्याप्त भंडार मौजूद है और थोक मूल्य नियंत्रण से आपूर्ति प्रणाली संतुलित बनी हुई है।
कुल मिलाकर कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए खरीफ मौसम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और किसानों के लिए किसी प्रकार की कमी की संभावना नहीं है।




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