वाराणसी, 22 मई।
वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र चौबेपुर अंतर्गत भंदहा कला गांव में संचालित आशा पुस्तकालय एवं अध्ययन केंद्र में चल रहे समर कैंप में बच्चे न केवल मनोरंजन का आनंद ले रहे हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मक क्षमताओं का भी निरंतर विकास हो रहा है।
पांच दिवसीय इस शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को बच्चों ने कहानी लेखन, कविता, नाटक, चित्रकला, कठपुतली कला और विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही बच्चों ने स्वच्छता अभियान जैसी सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रमदान किया, जिससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का भी विकास हुआ।
सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट से जुड़े समन्वयक के अनुसार इस कैंप में विभिन्न शिक्षण केंद्रों से आए लगभग 40 बच्चे शामिल हैं, जिन्हें कहानी, कविता, नाटक, चित्र, कठपुतली, विज्ञान और स्वच्छता जैसे विषयों के माध्यम से नए अनुभव और सीख प्रदान की जा रही है।
कार्यक्रम संयोजक के अनुसार यह शिविर रचनात्मक गतिविधियों का एक उत्सव है, जिसमें बच्चों की सृजनशीलता को उभारने के साथ उनमें नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है और इसका समापन 25 मई को किया जाएगा।
शिविर के संचालन में कई सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में मार्गदर्शन प्रदान किया।






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