भोपाल, 25 मई ।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश का राज्य वक्फ बोर्ड विभिन्न नवाचारों के माध्यम से देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के चलते प्रदेश को स्कॉच अवार्ड प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आई है और यह मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य वक्फ बोर्ड के तहत 849 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति मेलजोल और भाईचारे पर आधारित है तथा सभी समुदाय कानून व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, जिससे देश विश्व में एक आदर्श रूप में स्थापित है।
उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और सुधार के लिए किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं और स्वतंत्रता के बाद इस स्तर के सुधार पहले नहीं हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया गया है, जिससे रिकॉर्ड व्यवस्था मजबूत हुई है और अतिक्रमण पर रोक लगाने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की शिक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और छात्रवृत्ति तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि “पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो” योजना के तहत विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है तथा वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन से आय में वृद्धि हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा और शैक्षणिक संस्थानों के विकास के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।






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