पूर्वी चंपारण, 26 मई।
रक्सौल शहर स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर परिसर में मंगलवार को उस समय आस्था का माहौल गहरा गया जब तालाब के जीर्णोद्धार और सफाई कार्य के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में बदल गया।
शिवलिंग मिलने की सूचना फैलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और “हर-हर महादेव” तथा “जय शिव शंकर” के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा।
श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने गहरी आस्था के साथ शिवलिंग को कंधे पर उठाकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं का आना जारी है और वहां श्रद्धा, भक्ति, उत्साह और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि इसी सूर्य मंदिर तालाब की सफाई के दौरान पिछले सप्ताह करीब 11 किलो वजन का एक दुर्लभ कछुआ भी मिला था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
कई श्रद्धालु इस कछुए को भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से जोड़कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे थे, और अब शिवलिंग मिलने से श्रद्धालुओं की भावनाएं और अधिक प्रबल हो गई हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार यह परिसर सदियों से धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र रहा है तथा शिवलिंग की प्राप्ति इस स्थान की दिव्यता को और अधिक प्रमाणित करती है।
वहीं मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दुर्लभ कछुआ और अब शिवलिंग का मिलना किसी साधारण घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह स्थल आस्था का विशेष केंद्र बन चुका है।
मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी शामिल थे।

















