झांसी, 26 मई ।
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, रंगदारी और लूट के मामलों में जेल में बंद भाजपा नेता आशीष उपाध्याय से पुलिस ने छह घंटे की रिमांड के दौरान पूछताछ की, जिसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।
रिमांड के दौरान पुलिस को करीब 45 करोड़ रुपये के सट्टा नेटवर्क से जुड़े ट्रांजेक्शन का लेखा-जोखा मिला, जिसके आधार पर संबंधित बैंक खातों की रकम को फ्रीज कर दिया गया है। हालांकि लूट और रंगदारी के मामलों में पुलिस को कोई विशेष सफलता नहीं मिल सकी।
जानकारी के अनुसार रॉयल सिटी में संचालित ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट और नवाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज क्रिकेट सट्टेबाजी के मामले में सौ करोड़ रुपये के लेन-देन के आरोपों के आधार पर पुलिस ने आशीष उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में 9 मई को हाईकोर्ट से राहत मिलने पर उन्हें नवाबाद मामले में रिहा कर दिया गया था, लेकिन जेल से बाहर आते ही उन्हें सीपरी बाजार पुलिस ने पुनः रॉयल सिटी मामले में गिरफ्तार कर लिया।
इसी बीच प्रेमनगर थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ रंगदारी मांगने और नकदी लूट का मामला भी दर्ज हुआ, जिसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेजा गया। जांच आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने न्यायालय से रिमांड की मांग की, जिसे मंजूर करते हुए छह घंटे की हिरासत दी गई।
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी को विभिन्न स्थानों पर लेकर गई, जहां पूछताछ में उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े आठ मोबाइल फोन, 19 बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए।
बैंक खातों की जांच में लगभग 45 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई, जिसके बाद सभी संबंधित खातों की राशि को फ्रीज कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार लूट और रंगदारी के मामलों में अब तक कोई नकदी या ठोस बरामदगी नहीं हुई है, जबकि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है।














