बरेली (उत्तर प्रदेश), 27 मई।
आंवला क्षेत्र के प्रसिद्ध मनौना श्याम मंदिर से अगवा किए गए डेढ़ साल के मासूम ऋषभ को पुलिस ने एक साहसी ऑपरेशन के तहत मंगलवार देर रात सुरक्षित बरामद कर लिया है। अपहरण के इस मामले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई तीखी मुठभेड़ के दौरान दो आरोपितों को पैर में गोली लगी है, वहीं बचाव कार्य में एक हेड कांस्टेबल भी जख्मी हुए हैं। दोनों आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि ऋषभ मंदिर परिसर के सफाईकर्मी रमन का पुत्र था जो रविवार दोपहर लापता हो गया था। काफी मशक्कत के बाद भी जब बच्चे का पता नहीं चला, तो परिवार की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। मंदिर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो युवक बच्चे को ले जाते हुए नजर आए। इसके बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश में कई टीमें तैनात कर दी थीं।
मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार दो युवक बच्चे को लेकर अलीगंज रोड से गुजर रहे हैं। सूचना मिलते ही आंवला सीओ के नेतृत्व में पुलिस बल ने हुलासी फाटक के पास नाकेबंदी की। पुलिस ने जैसे ही रोकने का प्रयास किया, बदमाशों ने गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में हेड कांस्टेबल उमेश की बांह को छूते हुए गोली निकल गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से बाइक समेत गिर पड़े, जिससे बालक भी नीचे गिर गया। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मासूम को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
पकड़े गए आरोपितों की पहचान शाहजहांपुर के योगेश और बदायूं के पवन सिंह के रूप में हुई है। योगेश एमएससी नर्सिंग का छात्र है। शुरुआती पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे मासूम को बेचने की फिराक में थे। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।















