शिमला, 27 मई ।
शिमला में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चिट्टा और अफीम तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की करीब 1.13 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल नशा बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी सीधा प्रहार किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई मामले कमर्शियल और इंटरमीडिएट मात्रा से जुड़े हैं। सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल सीमा और केरल तक कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सबसे बड़ी कार्रवाई कुमारसैन थाना क्षेत्र के एक मामले में सामने आई, जहां 10 अप्रैल को नेपाल मूल के तीन आरोपियों को 9 किलो से अधिक अफीम और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान आगे की कड़ियों को जोड़ते हुए कंडाघाट में एक ढाबे से भी अफीम बरामद की गई, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने नशे के अवैध धन से लग्जरी वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। पुलिस ने इस मामले में करीब 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी की लगभग 60 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है, जिसमें बैंक लेनदेन, वाहन और मकान शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने बिना किसी वैध आय के करोड़ों रुपये का लेनदेन किया और नशे के पैसों से महंगी गाड़ियां व संपत्तियां खरीदीं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच को और तेज कर रही है।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।















