चंडीगढ़, 28 मई।
हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। वह इस पद पर पहुंचने वाली 43 वर्षों बाद दूसरी महिला बन गई हैं, जबकि इससे पहले डॉ. कमला वर्मा ने 1980 से 1983 तक यह दायित्व संभाला था। यह नियुक्ति पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की जगह की गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी आदेश के बाद यह फैसला औपचारिक हुआ। डॉ. अर्चना गुप्ता पहले मोहन लाल बड़ौली की टीम में प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्यरत थीं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी अब विराम लग गया है।
उनकी नियुक्ति को पार्टी द्वारा संगठन में महिला नेतृत्व और अनुभव पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। वे पानीपत की रहने वाली हैं और पेशे से रेडियोलॉजिस्ट हैं। वर्ष 2010 से 2016 के बीच उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और महिला मोर्चा के माध्यम से संगठन विस्तार में सक्रिय रहीं।
वर्ष 2020 में उन्हें पानीपत जिला अध्यक्ष बनाया गया, जहां वे भाजपा की पहली महिला जिलाध्यक्ष बनीं। बाद में जनवरी 2024 में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई, जिसके बाद संगठनात्मक कार्यों में उनकी भूमिका और अधिक मजबूत हुई।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण, बूथ स्तर संगठन विस्तार और चुनावी अभियानों में सक्रिय योगदान दिया है। 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने प्रचार अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेषकर महिला मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने अनुभव और संगठनात्मक कार्यशैली को आधार बनाकर अर्चना गुप्ता पर भरोसा जताया। उनकी नियुक्ति के बाद प्रदेश संगठन में नए बदलावों की संभावना भी बढ़ गई है।
अब तक हरियाणा भाजपा में रहे प्रमुख प्रदेश अध्यक्षों की सूची में वे एक नई कड़ी के रूप में शामिल हो गई हैं, जिससे संगठन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर पार्टी की नीति भी स्पष्ट रूप से सामने आई है।











