नई दिल्ली, 29 मई ।
अफ्रीका में इबोला के प्रकोप के बीच भारत ने प्रभावित देशों और अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) को हरसंभव सहायता जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने में लगातार सहयोग करेगा।
मंत्रालय के अनुसार भारत ने पहले चरण में आवश्यक चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट अफ्रीका सीडीसी को भेजी हैं, जिन्हें युगांडा स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा संबंधित कार्यालय को सौंपा गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि भारत आगे भी जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगा और अफ्रीकी देशों तथा सीडीसी के साथ मिलकर स्थिति से निपटने के प्रयासों को मजबूत करेगा।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कहा था कि भारत ने इबोला के प्रकोप से निपटने के लिए पहली खेप में आपात चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा उपकरण भेजे हैं तथा अफ्रीका के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग जारी रहेगा।
अफ्रीका सीडीसी ने बताया कि भारत द्वारा भेजी गई खेप युगांडा स्थित पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रीय समन्वय केंद्र को प्राप्त हुई है, जिसे आगे पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
इस चिकित्सा सहायता में आवश्यक डायग्नोस्टिक किट, उपचार सामग्री, संक्रमण रोकथाम उपकरण और केस मैनेजमेंट से जुड़ी सामग्री शामिल है, जिससे संक्रमण नियंत्रण और रोगियों के इलाज में मदद मिलेगी।
अफ्रीका सीडीसी ने भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह सहायता क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
इबोला एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित शरीर द्रव, दूषित वस्तुओं या संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलती है और इसमें तेज बुखार, उल्टी, दस्त तथा गंभीर स्थिति में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव जैसे लक्षण देखे जाते हैं।
भारत पहले भी कोविड-19 सहित विभिन्न वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में अफ्रीकी देशों को दवाइयों और टीकों की आपूर्ति कर चुका है।










