माले, 27 जुलाई।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को फिर से सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सदस्य देशों से क्षेत्रीय हितों को प्राथमिकता देने और आपसी मतभेद बातचीत के माध्यम से सुलझाने की अपील की।
मालदीव के 61वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु ने कहा कि सार्क के कामकाज में आई मौजूदा रुकावट को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से क्षेत्र में शांति और सहयोग को मजबूत करने के लिए संवाद की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यदि सदस्य देश चाहें तो मौजूदा गतिरोध दूर करने के लिए मालदीव मध्यस्थ की भूमिका निभाने को भी तैयार है। 43 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 113 राजनयिकों की मौजूदगी में अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सरकार की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए वैश्विक समुदाय से भी सभी विवादों का समाधान शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए निकालने की अपील की।
सार्क में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका सदस्य देश हैं। संगठन का सचिवालय 17 जनवरी 1987 को काठमांडू में स्थापित किया गया था। इसी महीने की शुरुआत में बांग्लादेश ने भी दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने का समर्थन करते हुए संगठन की क्षमता और उसके प्रदर्शन के बीच की दूरी कम करने की आवश्यकता पर बल दिया था।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने सार्क को फिर से सक्रिय बनाने के लिए संगठन की क्रियान्वयन क्षमता, वित्तीय मजबूती, विशेष तंत्र की प्रभावशीलता और बेहतर अनुपालन व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के साथ विचार-विमर्श के बाद बांग्लादेश वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और मंत्रिपरिषद के विशेष सत्र की संभावनाओं पर भी सहयोग बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
गौरतलब है कि सार्क दक्षिण एशिया का एक क्षेत्रीय राजनीतिक और आर्थिक संगठन है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय एकीकरण और विकास को बढ़ावा देना है।

















