खरगोन, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा नदी में तेज बहाव के दौरान बह गए इंदौर निवासी युवक का शव करीब नौ घंटे चले सर्च अभियान के बाद बरामद कर लिया गया। पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को नदी से बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा (30) रविवार को अपनी पत्नी, तीन वर्षीय बेटे और अन्य परिजनों के साथ महेश्वर घूमने पहुंचे थे। महेश्वर दर्शन के बाद परिवार जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा घाट पहुंचा, जहां नर्मदा में स्नान के दौरान अर्पित का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बह गए। घटना के समय मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी की तेज धारा, गहराई और पथरीले क्षेत्र के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस, होमगार्ड की रेस्क्यू टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। रविवार देर रात तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण उसे रोकना पड़ा। सोमवार सुबह एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने नावों की मदद से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
करीब नौ घंटे की तलाश के बाद सोमवार शाम लगभग पांच बजे घटनास्थल के समीप ही अर्पित हाड़ा का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनजान स्थानों या नदियों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में स्नान करने से बचें। अधिकारियों के अनुसार, जलकोटी-सहस्त्रधारा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों के दौरान डूबने की यह चौथी घटना है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए क्षेत्र में स्थायी गोताखोरों और पुलिस बल की तैनाती का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जा रहा है।

















