नई दिल्ली, 27 जुलाई।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार से मुलाकात की और उन्हें 10 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ी की उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
मनसुख मांडविया ने कहा कि झंडू कुमार ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैरा खेलों को मुख्यधारा में लाने और पैरा खिलाड़ियों को समान अवसर, सहयोग तथा प्राथमिकता देने के संकल्प का परिणाम बताया।
झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट और 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। ग्रुप-बी में उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल करते हुए युगांडा के डेनिस मबाजीरा और ऑस्ट्रेलिया के बेन राइट को पीछे छोड़ा।
संयुक्त परिणामों में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग 131.0 अंकों के साथ रजत पदक हासिल करने में सफल रहे। झंडू कुमार 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे और रजत पदक से केवल 0.1 अंक पीछे रह गए।
बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले झंडू कुमार जन्म से पोलियो से प्रभावित हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में पैरा एथलेटिक्स से अपने खेल करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने एफ-55 शॉट पुट और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और कई जिला एवं राज्य स्तरीय पदक जीते। बाद में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान उनकी रुचि पावरलिफ्टिंग की ओर बढ़ी।
कोच राजिंदर सिंह राहेलू के मार्गदर्शन में झंडू कुमार ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2025 में उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 205 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में इसे बढ़ाकर 206 किलोग्राम कर दिया। इसके बाद बीजिंग विश्व कप 2025 और एशियन एवं ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई किया।

















