नई दिल्ली, 30 मई ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और भक्तिभाव से परिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय कांवड़ समिति का पुनर्गठन किया है तथा संस्कृति एवं विधि मंत्री को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष भी शिवभक्तों के लिए बेहतर और सम्मानजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी, जिसके तहत कांवड़ शिविरों को विशेष सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा समिति में कई विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और जनआस्था का बड़ा प्रतीक है, जो सावन के दौरान दिल्ली में शिवभक्ति और एकता का संदेश देता है।
सरकार के अनुसार कांवड़ व्यवस्थाएं अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सेवा, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बन चुकी हैं, जिसका उद्देश्य हर कांवड़िए को देवतुल्य अतिथि के रूप में सुविधाएं प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नई समिति जल्द ही जिलाधिकारियों, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रूट प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, जल और बिजली आपूर्ति सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।
पिछले वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में कांवड़ शिविरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही सरकार ने पारदर्शी आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर आयोजन को अधिक सशक्त बनाया है।
इसके अलावा सरकार द्वारा शिविरों को बिजली और अस्थाई मीटर पर छूट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं, ताकि आयोजकों पर वित्तीय बोझ कम हो सके और व्यवस्था अधिक सुचारु रूप से संचालित हो।











