नई दिल्ली, 01 जून।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने वाली विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में बड़ी राहत देते हुए लगभग 27 प्रतिशत की कटौती की है। हालांकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ दरों में लगातार दूसरे महीने कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और दरें पूर्ववत बनी हुई हैं।
इस कटौती के बाद अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए विमान ईंधन की कीमत 400 डॉलर प्रति किलोलीटर से अधिक घटकर लगभग 1,100 डॉलर प्रति किलोलीटर रह गई है। इससे पहले वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के चलते यह दर 1,435.31 डॉलर प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई थी। 1 मई को भी इसमें 76.55 डॉलर यानी 5.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर किया गया था।
घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह एक अप्रैल से 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर स्थिर बनी हुई है।
यह संशोधन तेल विपणन कंपनियों द्वारा हर महीने की जाने वाली मूल्य समीक्षा का हिस्सा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न हालात के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है, जिससे विमान ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
भारत में विमान ईंधन की कीमतें दो दशक से अधिक समय पहले नियंत्रण मुक्त की जा चुकी हैं और तब से इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप समायोजित किया जाता है। मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार और तेल कंपनियों ने संतुलित नीति अपनाई है, जिसके तहत विदेशी एयरलाइंस से बाजार दर वसूली जा रही है, जबकि घरेलू कंपनियों के लिए दरें स्थिर रखी गई हैं। इससे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को घरेलू बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।











