नई दिल्ली, 01 जून ।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें मुंबई की विशेष अदालत में पेश किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार झुनझुनवाला समूह के कॉरपोरेट वित्त, बैंकिंग और ऋण उपयोग से जुड़े प्रमुख कार्यों की देखरेख करते थे तथा विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। आरोप है कि बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ और कई खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में बदल गए।
यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस और संबंधित समूह पर हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े स्तर पर वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
सीबीआई ने बताया कि आरकॉम और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के खिलाफ कई अन्य प्राथमिकी भी दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतें शामिल हैं। इन मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में चल रही है।
अमिताभ झुनझुनवाला पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद थे, जहां से उन्हें प्रोडक्शन वारंट के आधार पर मुंबई लाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में पहला आरोपपत्र भी दाखिल किया है, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक कर्मियों सहित 16 लोगों को नामजद किया गया है। एजेंसी का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।











