बेंगलुरु, 02 जून।
कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में गांधी परिवार के योगदान और मार्गदर्शन के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा को दिशा देने में गांधी परिवार का विश्वास और सहयोग निर्णायक रहा है। उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता से राज्य नेतृत्व तक पहुंचने की यात्रा में गांधी परिवार का भरोसा निरंतर उनके साथ रहा।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने भावनात्मक संदेश में शिवकुमार ने राजनीतिक जीवन के विभिन्न चरणों को याद करते हुए गांधी परिवार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से लेकर वर्तमान जिम्मेदारी तक गांधी परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने एक युवा कार्यकर्ता के रूप में उनकी क्षमता को पहचाना और उस समय उनका उत्साह बढ़ाया जब वह स्वयं अपनी संभावनाओं को पूरी तरह नहीं समझ पाए थे। उनके अनुसार, राजीव गांधी का यह भरोसा उनके आत्मविश्वास का आधार बना और उन्हें जनसेवा के लिए प्रेरित करता रहा।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी भरोसा बनाए रखते हुए नेतृत्व का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उतार-चढ़ाव के समय भी सोनिया गांधी का समर्थन उनके लिए लगातार संबल बना रहा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सराहना करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उनके विचार, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और लोगों की बात सुनने की क्षमता अनेक नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का सहयोग उनके राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण आधार रहा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा सहज और प्रेरणादायक नेतृत्व का उदाहरण रही हैं, जो प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करती हैं और राजनीति को जनभावनाओं से जोड़ने का संदेश देती हैं।
शिवकुमार ने कहा कि गांधी परिवार उनके लिए नेतृत्व के उन मूल्यों का प्रतीक है जिसमें प्रतिभा की पहचान, कठिन समय में साथ खड़े रहने की क्षमता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना शामिल है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक सफर में यह मार्गदर्शन हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विकास, प्रगति और समावेशी राज्य निर्माण के लिए वे पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे तथा जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।









