राजसमंद, 2 जून ।
राजसमंद में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने हाल के वर्षों में सामने आई कुछ हिंसक घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि ये घटनाएं किसी सामान्य आपराधिक प्रवृत्ति का परिणाम नहीं हैं, बल्कि एक विशेष प्रकार की कट्टरपंथी सोच को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर हुई ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि समाज में वैमनस्यता और हिंसा को बढ़ावा देने वाली मानसिकता सक्रिय है, जिसे जड़ से समाप्त करना आवश्यक है, अन्यथा यह सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
आलोक कुमार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया जाए या विद्यालय जैसे स्थानों पर भी हिंसा प्रवेश कर जाए, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है और इसे केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि वे लोग भी जिम्मेदार हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी सोच को समर्थन देते हैं या उस पर मौन रहते हैं, जिससे सामाजिक खतरा और बढ़ता है।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह संगठित और सतर्क होकर हिंसा के विरुद्ध खड़ा हो तथा ऐसे तत्वों के साथ-साथ उनके समर्थकों पर भी सामाजिक दबाव बनाए, ताकि शांति और सद्भाव कायम रह सके।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने तथा केंद्र सरकार से अनुसूचित जनजाति से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग भी उठाई।
भीम क्षेत्र से जुड़े एक मामले पर उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता निगरानी और सहयोग करते रहेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।










