तिरुवनंतपुरम, 02 जून ।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी छह छंदों को अनिवार्य रूप से गाने या बजाने के प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान सभी के मन में है, लेकिन हर कार्यक्रम में इसके सभी छंदों का पूर्ण प्रस्तुतीकरण व्यावहारिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि वंदे मातरम देश का राष्ट्रगीत है और इसके सम्मान में लोग खड़े होकर आदर प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर इसके एक या दो छंद ही अधिक प्रचलित और व्यापक रूप से परिचित हैं।
थरूर का मानना है कि इस विषय पर किसी भी निर्णय से पहले व्यापक सहमति बनाना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जो परंपरा और व्यवहारिकता दोनों के अनुरूप हो।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के साथ शुरुआत और राष्ट्रगान के साथ समापन की परंपरा चली आ रही है। इस व्यवस्था को संतुलित और समावेशी तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी के बाद वंदे मातरम को लेकर चल रही चर्चा को नया आयाम मिला है और इस विषय पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।











