नासिक, 03 जून ।
टीसीएस के नासिक कार्यालय से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले में अब नया राजनीतिक मोड़ आ गया है, क्योंकि नासिक पुलिस द्वारा दाखिल पहले आरोपपत्र में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का नाम शामिल होने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज इस प्रकरण में बलात्कार, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं और करीब 3500 पन्नों का पहला आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया है।
इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद फरार हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर उसकी तलाश तेज की। जांच के दौरान एआईएमआईएम के पूर्व नगरसेवक मतीन पटेल पर उसे छिपाने में मदद करने के आरोप सामने आए, और पूछताछ में कथित रूप से यह बात भी सामने आई कि इसके लिए इम्तियाज जलील से पूछना होगा।
इसके बाद पुलिस ने नारेगांव-कौसर सिडको क्षेत्र में छापेमारी कर निदा खान और उसके परिवार को हिरासत में लिया, जबकि जिस घर में वह छिपी थी उसे सहित दो अन्य संपत्तियों पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई भी की गई तथा घर के मालिक हनीफ खान को सह-आरोपी बनाया गया है।
वहीं, हज यात्रा के लिए सऊदी अरब में मौजूद इम्तियाज जलील ने फोन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें आरोपपत्र में नाम शामिल होने की जानकारी नहीं है और वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं, साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे पीड़ित परिवार से मिले थे।










