भोपाल, 4 जून ।
मध्यप्रदेश में बेटियों के लिए चलाई जा रही ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ अब उच्च शिक्षा का मजबूत सहारा बनकर सामने आई है, जिससे प्रदेश की कई बेटियों को पढ़ाई जारी रखने और अपने सपनों को साकार करने में बड़ी मदद मिल रही है।
अशोकनगर जिले की प्रतिभा बुरेडिया और ओशीन खान ने इस योजना को अपनी सफलता का आधार बताते हुए कहा कि यदि सरकारी सहायता नहीं मिलती तो आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाती, लेकिन योजना ने उन्हें कॉलेज तक पहुंचने का अवसर दिया।
प्रतिभा के पिता राजेंद्र रजक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि ओशीन के पिता अमजद खान पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है, ऐसे में दोनों परिवारों के लिए बेटियों की शिक्षा जारी रखना कठिन था, लेकिन योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने उनकी राह आसान कर दी।
योजना के अंतर्गत दोनों छात्राओं को स्कूल स्तर से लेकर कॉलेज तक चरणबद्ध वित्तीय सहायता मिली, जिसमें कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक अलग-अलग राशि प्रदान की गई, जिससे उन्होंने 2025 में 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लिया।
वर्तमान में प्रतिभा को कॉलेज प्रथम वर्ष के लिए 12,500 रुपये की सहायता प्राप्त हुई है, जबकि ओशीन को स्नातक स्तर पर दो किश्तों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।
सरकारी जानकारी के अनुसार यह योजना बालिकाओं को जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक कुल 1,43,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाना और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है।
बेटियों ने इस योजना को अपने जीवन में बड़ा बदलाव बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि इस पहल ने न केवल उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाया बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का विश्वास भी दिया है।




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