जयपुर, 05 जून।
युगांडा से जयपुर घूमने आई 19 वर्षीय विदेशी युवती में इबोला वायरस से मिलते-जुलते लक्षण पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ गई है।
युवती को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
फिलहाल संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन अलर्ट जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार युवती शुक्रवार सुबह एयर अरेबिया की फ्लाइट से शारजाह होते हुए जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची थी, जहां नियमित मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान उसे संदिग्ध श्रेणी में रखा गया।
उसकी ट्रैवल हिस्ट्री युगांडा से जुड़ी होने और बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द तथा भूख न लगने जैसे लक्षण मिलने पर उसे तत्काल विशेष प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार युवती को विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और उसकी 24 घंटे विशेष देखभाल की जा रही है।
चिकित्सकों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इबोला जैसे लक्षण मिले हैं, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और पुष्टि केवल लैब रिपोर्ट से ही होगी।
युवती के सैंपल को जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजा गया है, जबकि दूसरा सैंपल 48 घंटे बाद भेजा जाएगा।
रिपोर्ट आने तक उसे क्वारंटाइन और आइसोलेशन में रखा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर 21 दिन की निगरानी की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीज को एयरपोर्ट से अस्पताल तक पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ लाया गया और संक्रमण रोकने के लिए विशेष कॉरिडोर का उपयोग किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने युवती के संपर्क में आए यात्रियों की पहचान कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इबोला हवा के माध्यम से नहीं फैलता, बल्कि यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में घबराने की आवश्यकता नहीं है।








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