लखनऊ, 5 जून ।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने कुकरैल में पौधरोपण कर इस महाभियान का औपचारिक शुभारंभ किया, जहां महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की गई और कपूर का पौधा लगाया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया, सेल्फी ली और मिष्ठान वितरित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि यह अभियान जन-आंदोलन का रूप ले सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही जीवन संरक्षण है और हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद वन महोत्सव के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान शुरू किया गया था। उस समय प्रदेश की नर्सरियों में सीमित पौधे उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में 55 करोड़ से अधिक पौधे तैयार हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आगामी जुलाई में एक दिवसीय विशेष अभियान चलाकर 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में 5 करोड़ पौधे रोपे गए।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों को कपड़े के झोले वितरित किए। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पांच प्रमुख संकल्प भी दिलाए, जिनमें पेड़ लगाना, पेड़ों की सुरक्षा करना, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक से परहेज और प्रकृति अनुकूल जीवन शैली अपनाना शामिल है।
उन्होंने जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि कुछ लोग लापरवाही से पानी की बर्बादी कर रहे हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है। उन्होंने इसे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने तालाबों के संरक्षण पर जोर देते हुए गोरखपुर के रामगढ़ताल और चिलुआताल के संरक्षण कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में रामसर साइटों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कार्यक्रम में वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्य मंत्री केपी मलिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








.jpg)





