कोलकाता, 5 जून ।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) बनाए जाने के विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को चुनौती देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया है। पार्टी ने इस फैसले को नियमों के विपरीत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का यह निर्णय प्रक्रियात्मक नियमों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। पार्टी सोमवार को इस संबंध में याचिका दायर करेगी।
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी के भीतर संगठनात्मक असंतोष और आंतरिक मतभेदों की चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि कुछ विधायकों ने अलग गुट बनाकर ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में स्थिति बनाई है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार विधानसभा में हुई कार्रवाई और निष्कासन से जुड़ी प्रक्रियात्मक कमियों के आधार पर अध्यक्ष ने पहले के कुछ निर्णयों को अमान्य कर दिया था, जिसके बाद यह नया विवाद उत्पन्न हुआ है।
इसी बीच पार्टी के भीतर संसदीय स्तर पर भी असंतोष की अटकलें तेज हैं और कुछ सांसदों के अलग गुट बनाने की संभावना पर चर्चा हो रही है, जिससे नेतृत्व की चिंता बढ़ी है।
हालांकि इन राजनीतिक परिस्थितियों के बीच टीएमसी ने आगामी आठ जून को दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश तेज कर दी है। इस बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
पार्टी नेतृत्व इस समय संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया में भी जुटा हुआ है ताकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उभरते मतभेदों को नियंत्रित किया जा सके।








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