इंदौर, 16 मई।
इंदौर जिले के धार रोड पर स्थित ‘डीयू ड्रॉप एरिगेशन’ नामक प्लास्टिक दाना निर्माण इकाई में शनिवार सुबह करीब सात बजे अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई देने लगा।
सूचना मिलते ही दमकल दल मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत स्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास का पूरा क्षेत्र खाली कराया गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो सके। राहत की बात यह रही कि अमावस्या के कारण उस दिन फैक्ट्री में मजदूर मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि यूनिट में दिन-रात की शिफ्ट में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत रहते हैं, लेकिन अवकाश के कारण कोई कर्मचारी नहीं आया था।
संचालक के अनुसार परिसर में स्थित डीपी में हुए शॉर्ट सर्किट से आग की शुरुआत हुई, जो प्लास्टिक दाने के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले बैठी। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की सात गाड़ियां लगातार चार घंटे से अधिक समय तक प्रयासरत रहीं, जिनमें 35 से अधिक टैंकर पानी और विशेष फोम का उपयोग किया गया।
पानी के सीधे स्रोत की कमी के कारण आग बुझाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिसके चलते बाहरी टैंकरों से दमकल वाहनों को लगातार रीफिल किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी ट्यूबवेल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराकर राहत कार्य में सहयोग किया।
आग की भयावहता को देखते हुए आधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट और पोकलेन मशीनों की मदद ली गई। दमकलकर्मी टीन शेड और मलबा हटाकर पानी का छिड़काव कर रहे हैं क्योंकि फिलहाल अंदर जाना संभव नहीं हो पा रहा है।
पास की एक अन्य हर्बल प्रोडक्ट फैक्ट्री तक आग फैलने का खतरा बना रहा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। लाखों रुपये मूल्य के सामान के जलकर नष्ट होने की आशंका भी जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और साथ ही सभी औद्योगिक इकाइयों को अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।














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