फरीदाबाद, 16 मई।
फरीदाबाद के सेक्टर-3 स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा मुख्य द्वार बंद कर सो जाने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, जिससे अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार बड़ोली गांव निवासी देवेंद्र अपनी पत्नी बलेश को प्रसव पीड़ा होने पर देर रात सेक्टर-3 स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने कई बार अस्पताल का गेट खटखटाया, लेकिन काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस दौरान महिला तेज दर्द से कराहती रही।
स्थिति बिगड़ने पर महिला सड़क पर ही लेट गई और वहीं उसने एक पुत्र को जन्म दे दिया। लगभग बीस मिनट बाद अस्पताल की नर्स मौके पर पहुंची और महिला व नवजात को अंदर वार्ड में ले जाया गया। इस पूरी घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि रात के समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अक्सर लापरवाही बरतते हुए सो जाते हैं, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल महिला और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।













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