झाबुआ, 02 नवंबर।
झाबुआ जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने श्रीलाभ ब्रांड के घी के दो बैचों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। भोपाल की राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की जांच में दोनों नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के उप संचालक एवं अभिहित अधिकारी डॉ. मुन्नालाल चोपड़ा के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को थांदला के संजय कुमार राजेंद्र कुमार जैन के प्रतिष्ठान से श्रीलाभ प्योर घी और श्रीलाभ काउ प्योर घी के नमूने लिए गए थे। इनमें 500 मिलीलीटर के बैच जेआरओ 7026 और जेआरओ 8026 शामिल हैं।
प्रयोगशाला जांच में घी में वनस्पति वसा (बीटा साइटोस्टेरॉल) की मौजूदगी और फैटी एसिड संरचना में अनियमितताएं मिलीं। दोनों नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित शुद्ध घी के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच के बाद दोनों बैचों की जिलेभर में बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह अलावा ने बताया कि प्रतिष्ठान से लिए गए पांच नमूनों में दो असुरक्षित और दो मानक से कम गुणवत्ता के मिले हैं। एक अन्य उत्पाद की रिपोर्ट आना बाकी है।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान में श्रीलाभ प्योर घी के 193 लीटर और श्रीलाभ काउ प्योर घी के 343 लीटर भंडार की जानकारी मिली। इनकी कुल कीमत 3 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है।
फर्म संचालक को केंद्रीय प्रयोगशाला में अपील का अधिकार है। वहां भी नमूने असुरक्षित मिलने पर मामला सीजीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को प्रतिबंधित बैचों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए हैं।















