रांची, 28 अप्रैल।
झारखंड उच्च न्यायालय ने 54 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण आदेश को नियमों के विपरीत मानते हुए उसे निरस्त कर दिया है, साथ ही संबंधित कर्मियों को पुनः धनबाद जिला बल में योगदान देने का निर्देश जारी किया है।
न्यायालय ने यह निर्णय पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी उस आदेश के संदर्भ में दिया, जिसमें वर्ष 2025 के फरवरी माह में प्रशासनिक आधार का उल्लेख करते हुए 54 पुलिसकर्मियों का विभिन्न जिलों में स्थानांतरण किया गया था। इस आदेश को प्रभावित कर्मियों ने नियम विरुद्ध बताते हुए न्यायालय में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में निर्धारित प्रावधानों और पुलिस मैनुअल का पालन नहीं किया गया। न्यायालय ने यह भी माना कि बिना स्पष्ट और ठोस आधार के किए गए तबादले विधिसम्मत नहीं कहे जा सकते।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कारणों के नाम पर भी नियमों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है और स्थानांतरण प्रक्रिया में सभी निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। इसी आधार पर पूर्व में जारी आदेश को रद्द कर सभी 54 पुलिसकर्मियों की वापसी धनबाद में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इस फैसले का पुलिस संगठन ने स्वागत किया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिनका असर कर्मियों के कार्य वातावरण और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ता है।
संगठन ने यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और स्थानांतरण प्रक्रिया में पुलिस मैनुअल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, इस निर्णय को आने वाले समय के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया गया है।



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