भोपाल, 13 मई।
प्रदेश में भीषण गर्मी ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने मालवा और निमाड़ क्षेत्र सहित इंदौर एवं उज्जैन संभाग के 11 जिलों में अगले चार दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कई हिस्सों में भी हीट वेव का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में बुधवार सुबह से आसमान पर बादलों की मौजूदगी रही।
मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी और लू का प्रभाव बना रहा, वहीं निमाड़ क्षेत्र में मौसम ने अचानक बदलाव लिया और तेज आंधी के साथ बारिश एवं ओलावृष्टि दर्ज की गई। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण और टर्फ सिस्टम के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बालाघाट, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा और रायसेन में दिनभर उमस और तीव्र गर्मी बनी रही, जबकि शाम के समय कई स्थानों पर मौसम में परिवर्तन दर्ज हुआ। निवाड़ी और बालाघाट में ओलावृष्टि हुई, वहीं अन्य जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। भोपाल में दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही और रात में कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई।
तापमान के आंकड़ों में रतलाम लगातार तीसरे दिन सबसे गर्म जिला रहा। धार में 44.5 डिग्री, श्योपुर और शाजापुर में 44 डिग्री, खरगोन में 43.6 डिग्री, गुना में 43.3 डिग्री तथा सागर में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंचा, इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और ग्वालियर में 41.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में लू का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। साथ ही भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, बड़वानी, मंदसौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, सिवनी, रीवा, सतना, शहडोल, सागर, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहने की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश में 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक लगातार जारी रहा था। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और टर्फ सिस्टम की सक्रियता के कारण मई की शुरुआत में कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई थी। हालांकि बुधवार के लिए मौसम विभाग ने किसी भी क्षेत्र में बारिश की संभावना से इनकार किया है।





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