मुंबई, 01 मई
महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर पूरे राज्य में उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हुतात्मा स्मारक पहुंचकर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।
मुंबई में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र की गौरवशाली ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा को स्मरण करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित महाराष्ट्र धर्म ने इस राज्य को एक सुदृढ़ और गर्वीली पहचान प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र देश का शक्ति केंद्र और विकास का इंजन बन चुका है तथा निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने 1956 से 1960 के बीच चले संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन को याद करते हुए कहा कि यह मराठी भाषी जनता के लिए मुंबई सहित एकीकृत राज्य के निर्माण का ऐतिहासिक संघर्ष था, जिसने आधुनिक महाराष्ट्र की आधारशिला रखी। उन्होंने राज्यवासियों को महाराष्ट्र दिवस और श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य की प्रगति श्रमिकों की कठोर मेहनत और परिश्रम का ही परिणाम है।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोक भवन में ध्वजारोहण किया, जिसके पश्चात राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत की गूंज के बीच समारोह को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल के जवान भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र दिवस प्रतिवर्ष एक मई को मनाया जाता है, जो 1960 में राज्य के गठन की स्मृति में आयोजित होता है और यह दिन मराठी अस्मिता के सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
इसी बीच राज्य की उपराजधानी नागपुर में अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर कुछ युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय रिजर्व बैंक चौराहे पर काले झंडे लहराए और काले गुब्बारे छोड़कर महाराष्ट्र दिवस के प्रति अपना विरोध जताया। इस अचानक हुए प्रदर्शन से कुछ समय के लिए वातावरण तनावपूर्ण हो गया, किंतु पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुनः शांति स्थापित हो गई।









