जयपुर, 16 अप्रैल
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को करौली जिले के नादोती उपखंड में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान उपखंड अधिकारी सहित तीन कार्मिकों को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। छापेमारी में 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद होने से मामला और गंभीर हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपितों में उपखंड अधिकारी काजल मीना, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ शामिल हैं। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवादी से भूमि से संबंधित अंतिम आदेश जारी करने के बदले में रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत में बताया गया कि शुरुआत में आरोपितों ने एक लाख रुपये की मांग रखी थी, जिसे बाद में घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रीडर ने अधिकारी के नाम पर 50 हजार रुपये और स्वयं के लिए 10 हजार रुपये की मांग की पुष्टि की थी।
एसीबी टीम ने योजना बनाकर परिवादी को नादोती स्थित कार्यालय बुलवाया, जहां तय राशि के रूप में 60 हजार रुपये लिए गए। यह रकम पहले रीडर ने ली और फिर उसे वरिष्ठ सहायक को सौंप दिया। इसी दौरान टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान वरिष्ठ सहायक के बैग से रिश्वत की राशि के अलावा 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली, जिसके स्रोत के बारे में पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम द्वारा अंजाम दिया गया। आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।









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