भोपाल, 07 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के चलते कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा ने अशासकीय और निजी नलकूप खनन पर 30 जून 2026 तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही इंदौर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
प्रतिबंध का पालन न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई अवैध बोरिंग मशीन जिले में प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करती है या नलकूप खनन का प्रयास करती है, तो संबंधित राजस्व, पुलिस और नगर निगम अधिकारी उस मशीन को जप्त कर एफआईआर दर्ज कर सकेंगे।
कलेक्टर वर्मा ने बताया कि शहर में भू-जल का अतिदोहन होने के कारण पेयजल संकट की संभावना है। इसलिए निजी नलकूप खनन पर यह प्रतिबंध आवश्यक है। विशेष परिस्थितियों में केवल रजिस्टर्ड एजेंसियों को निर्धारित शर्तों के अधीन अनुमति दी जा सकेगी।
प्रतिबंध उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास, या दोनों दंड का प्रावधान है। शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। इसके अलावा आवश्यकतानुसार निजी जल स्रोतों का अधिनियम की धारा-4 के तहत सार्वजनिक पेयजल हेतु अधिग्रहण किया जा सकता है।













