नई दिल्ली, 18 अप्रैल।
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक इकाई से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में आरोपी निडा खान पिछले एक सप्ताह से पुलिस से बचते हुए फरार हैं। इस बीच उनके ठिकाने को लेकर उनके पति के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिससे जांच प्रक्रिया में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार निडा खान नासिक इकाई में कार्यरत थीं और दो महीने पहले उनका स्थानांतरण मुंबई के मलाड तथा हiranandani कार्यालयों में किया गया था। इसी अवधि में उनके पति मुईन नवेद इकबाल खान को ठाणे के मुम्ब्रा क्षेत्र में एक बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी में नौकरी मिली थी।
मामला सामने आने के बाद निडा खान को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गईं। पुलिस ने उनके पति से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने पहले बताया कि निडा चौदह अप्रैल को घर से निकल गई थीं और किसी रिश्तेदार के यहां रह रही थीं। जब पुलिस वहां पहुंची तो घर बंद मिला और मोबाइल फोन भी बंद पाए गए।
इसके बाद उनके पति ने अपना बयान बदलते हुए बताया कि निडा को उनकी मौसी नूरी शेख नासिक ले गई थीं।
यह मामला तब सामने आया जब एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसके सहकर्मी दानिश शेख ने शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। शिकायत में निडा खान पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच के दौरान सात अन्य महिलाओं ने भी उत्पीड़न के आरोप लगाए, जिसके बाद सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
निडा खान को नौ अप्रैल को निलंबित किया गया था और उन पर लगे आरोपों को गंभीर बताया गया। कंपनी ने उनका प्रणाली अभिगम बंद कर दिया और जांच लंबित रहने तक कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी।
निडा खान ने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है और उनके वकील का दावा है कि उन्हें जल्द राहत मिल सकती है।
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निडा खान मानव संसाधन अधिकारी नहीं थीं और न ही उनकी भर्ती प्रक्रिया में कोई भूमिका थी। कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की भी घोषणा की है।





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