काठमांडू, 11 मई।
नेपाल सरकार ने पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के पूर्ण संचालन को गति देने के लिए भारत के साथ जल्द कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि भारतीय विमानन कंपनियों की भागीदारी से इन हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा मिल सकेगा।
सरकार की पहली नीति और कार्यक्रम पेश करते हुए यह जानकारी दी गई कि दोनों नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के प्रभावी संचालन और अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से भारत के साथ संवाद की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान यह भी सामने आया कि विदेशी ऋण की सहायता से तैयार किए गए इन दोनों हवाई अड्डों पर अब तक अपेक्षित स्तर की अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो सकी हैं।
नेपाल सरकार का मानना है कि यदि भारत की विमानन कंपनियां इन हवाई अड्डों से संचालन शुरू करती हैं, तो पोखरा और गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सकते हैं।
नीति दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न भारतीय शहरों से सीधी उड़ानों की सुविधा बढ़ाने और हवाई अड्डों के संचालन को मजबूत करने के लिए भारत के साथ तत्काल कूटनीतिक पहल की जाएगी।



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