प्योंगयांग/इस्तांबुल, 11 मार्च।
पूर्वी एशिया में उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का फिर प्रदर्शन करते हुए क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने नए युद्धपोत से मिसाइल परीक्षण को वीडियो लिंक के माध्यम से देखा।
केसीएनए के अनुसार मिसाइलों को पश्चिमी तट के नाम्फो के पास चो ह्योन डिस्ट्रॉयर से लॉन्च किया गया। मिसाइलों ने पीत सागर के ऊपर तय मार्ग पर उड़ान भरी और निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया। किम जोंग उन ने कहा कि देश की परमाणु ताकत बहुआयामी संचालन के नए चरण में प्रवेश कर चुकी है और रणनीतिक हथियारों की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने युद्धपोत पर लगे नेवल ऑटोमैटिक गन्स की सैन्य कौशल जांच की जरूरत पर भी जोर दिया।
इससे पहले पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया ने इसी युद्धपोत से क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था। इस बार परीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने अपनी किशोर बेटी के साथ किसी अज्ञात स्थान से इसे देखा। उन्होंने कहा कि परीक्षण ने रणनीतिक हथियारों के राष्ट्रीय एकीकृत नियंत्रण प्रणाली की विश्वसनीयता स्थापित की।
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर कोरिया की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें लगभग 2,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैं, जिससे जापान और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने रेंज में आ सकते हैं। क्रूज मिसाइलों की खासियत यह है कि ये कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए मार्ग बदल सकती हैं, जिससे इन्हें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकना मुश्किल हो जाता है।
यह परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के 11 दिन के संयुक्त सैन्य अभ्यास “फ्रीडम शील्ड” के दौरान किया गया। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को “हमले की तैयारी” बता कर आलोचना करता रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तर कोरिया की क्रूज मिसाइलें संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रतिबंधों के दायरे में सीधे नहीं आतीं।











