नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़े अग्रिम जमानत मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया।
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। गौहाटी उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि राजनीतिक लाभ के लिए एक निर्दोष महिला को विवाद में घसीटा गया है।
इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें 10 अप्रैल को एक सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की थी, जिसे बाद में असम पुलिस की अपील पर सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। इसके बाद 15 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने उस अंतरिम राहत पर रोक लगा दी थी।
मामले की पृष्ठभूमि में असम में दर्ज एफआईआर शामिल है, जिसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापेमारी की थी, हालांकि उस समय वे वहां मौजूद नहीं मिले थे। यह एफआईआर तब दर्ज हुई थी जब पवन खेड़ा की ओर से संबंधित व्यक्ति पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए थे।






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