कथा के दौरान दिए गए कथन में उन्होंने कहा था कि आज केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़े घरानों की माताएं भी शराब सेवन कर रही हैं, जिसके बाद उन्होंने संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों पर भी टिप्पणी की थी। उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।
इस बयान को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक मंच और व्यासपीठ से इस प्रकार की टिप्पणी उचित नहीं है, क्योंकि देशभर में बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनते हैं और ऐसे में मातृ शक्ति के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग गलत संदेश देता है।
कांग्रेस नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मां केवल परिवार की नहीं बल्कि संपूर्ण समाज की आधारशिला होती है और वह बच्चों की पहली गुरु मानी जाती है। ऐसे में उनके लिए इस प्रकार की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है और इसका विरोध किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कथावाचक को अपनी भाषा और शब्दों पर संयम रखना चाहिए, अन्यथा इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बयान के बाद राजनीतिक स्तर पर बहस और तेज हो गई है।
नागपुर की कथा के दौरान दिए गए इस बयान में उन्होंने यह भी कहा था कि बदलते समय में सामाजिक मूल्य कमजोर हो रहे हैं और पहले जैसी मर्यादा अब देखने को नहीं मिलती। इस टिप्पणी के बाद समाज में चर्चा और विवाद दोनों बढ़ गए हैं।
यह पहली बार नहीं है जब उनके बयान को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी एक कार्यक्रम में दिए गए उनके विचारों पर देशभर में बहस हो चुकी है, जिससे यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।