नई दिल्ली, 11 अप्रैल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी 200वीं जयंती से जुड़े आयोजनों का शुभारंभ किया और उन्हें समाज सुधार की दिशा में दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा फुले ने अपना संपूर्ण जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के मूल सिद्धांतों को समर्पित किया और समाज में इन मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा फुले महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के सशक्त समर्थक थे तथा उनके प्रयासों से शिक्षा सामाजिक सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनी, जिससे कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक लेख के माध्यम से अपने विचार साझा करते हुए महात्मा फुले को प्रेरणा का स्रोत बताया और कहा कि उनके विचार आज भी शिक्षा, ज्ञान और जनकल्याण के क्षेत्र में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके आदर्श समाज के विकास और समावेशी प्रगति के प्रयासों में मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी पोस्ट कर महात्मा फुले को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने जीवनभर समानता, न्याय और शिक्षा के लिए संघर्ष किया तथा महिलाओं और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा को सशक्तीकरण के साधन के रूप में स्थापित करने में महात्मा फुले की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
उन्होंने अंत में कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले के विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने और एक समतामूलक राष्ट्र के निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं।








.jpg)
.jpg)


